हरियाणा में शराब कारोबार पर होगी डिजिटल निगरानी, हर बोतल पर लगेगा QR कोड; मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुरू की नई व्यवस्था

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Digital monitoring of the liquor trade in Haryana

चंडीगढ़। Digital monitoring of the liquor trade in Haryana, हरियाणा में अब शराब के बनने से लेकर थोक और खुदरा बिक्री तक हर बोतल पर सरकार की नजर रहेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को क्यूआर कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और आठ आनलाइन आबकारी सेवाओं का शुभारंभ कर दिया। इस दौरान विजन-2047, सीएम-अनाउंसमेंट तथा संकल्प-पत्र की घोषणाओं की भी समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्यूआर कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली आबकारी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने और अवैध शराब के प्रसार पर रोक लगाने में सहायक होगी। इसके अलावा कर चोरी भी रुकेगी। सामाजिक और सार्वजनिक समारोह यथा कार्यक्रमों, संगीत कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों में शराब परोसने के लिए आनलाइन लाइसेंस लिया जा सकेगा।

मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हाल के वार्षिक पंजीकरण, विकृत स्पिरिट आउटलेट लाइसेंस (L-17), औद्योगिक और औषधीय स्पिरिट कब्जा परमिट (L-42A से L-42D) और खुदरा शराब की दुकानों के समय विस्तार की अनुमति के लिए भी आनलाइन सेवाएं शुरू की गई हैं।

तय समय-सीमा के भीतर पोर्टल के माध्यम से मंजूरी

सात कार्य दिवसों की तय समय-सीमा के भीतर पोर्टल के माध्यम से मंजूरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वचालित प्रसंस्करण के कारण हर कदम पर मानवीय हस्तक्षेप कम होगा। इससे पूरी प्रक्रिया बैंक्वेट हाल संचालकों, औद्योगिक और औषधीय स्पिरिट उपयोगकर्ताओं, विकृत स्पिरिट विक्रेताओं और खुदरा लाइसेंसधारियों के लिए तेज, अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी।

उन्होंने नई प्रणालियों को पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करदाताओं से एक जून से वैट, सीएसटी, हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम जैसे प्री-जीएसटी कर कानूनों के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना का लाभ उठाने का भी आग्रह किया। योजना में सभी करदाताओं के लिए 100 प्रतिशत जुर्माना और ब्याज माफ कर दिया गया है। विभिन्न स्लैब में देय कर में भारी छूट भी दी गई है।

जीएसटी संग्रह में शानदार प्रदर्शन

हरियाणा पिछले कई वर्षों से एसजीएसटी संग्रह में शानदार वृद्धि दर्ज कर रहा है। वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में हरियाणा का एसजीएसटी संग्रह 32 प्रतिशत बढ़ा है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। इसके अलावा हरियाणा ने वर्ष 2025-26 में भी 22 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक एसजीएसटी विकास दर दर्ज की थी।